NDTV के ख़बिश कुमार को समर्पित यह कहानी;–

एक सज्जन ने विवाह के कई वर्षों बाद अचानक अपनी पत्नी का बैग देखा तो उसमें उस व्यक्ति का चित्र दिखाई दिया जिसके साथ उसकी पत्नी का पहले विवाह होने वाला था पर किन्हीं समस्याओं के कारण उसके साथ न हुआ इसके साथ हुआ।पत्नी ने भी कहा था कि वो अपनी मर्ज़ी से ये विवाह कर रही है पर आज उसी के बैग में पुराने प्रेमी का चित्र देखकर इसे बड़ा बुरा लगा।
इसने पत्नी से पूछा कि अपने बैग में इसका चित्र क्यों रखा है? क्या तुम अब भी उसे चाहती हो? जबकि तुम तो अपनी मर्ज़ी से मेरे साथ आई थी?
पत्नी ने कहा कि नहीं उसे चाहती तो नहीं हूँ पर जब ये बैग लिया था तब वो मेरा प्रेमी था और ये चित्र तभी से रखा है,,,पति ने कहा कि जब तुम उसे नहीं चाहती हो तो कम से कम अब तो हटा दो,,पत्नी बोली नहीं नहीं,,हटा नहीं सकती और न हटाने दूँगी,,आख़िर उसके साथ मेरा इतिहास जुड़ा है,,आप इतिहास से छेड़छाड़ कैसे कर सकते हैं?
पति ने सुना तो सन्न रह गया,,फिर पति ने आव देखा न ताव,,,,बस दे दनादन दे दनादन,,,,चित्र के साथ पत्नी को भी निकलना पड़ा फिर।
– कहानी वर्तमान घटनाक्रम (Aligarh University) कितनी सटीक है? आशा करता हूँ कि इसका अंत भी कहानी की तरह ही हो।(साभार)

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